ट्रंप झूठ बोलने में सबसे आगे? खुद अमेरिकी दूतावास ने ही खोल दिया राज…
अमेरिकी दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि अमेरिकी एजेंसी यूएसएआईडी ने भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए 2.1 करोड़ डॉलर खर्च किए हैं। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी।
ट्रंप ने दोबारा राष्ट्रपति बनते ही फरवरी 2025 में यूएसएआईडी को बंद करने का फैसला किया था। इस दौरान उन्होंने कई मंचों पर दावा किया कि पूर्ववर्ती बाइडेन सरकार ने भारत के 2024 के आम चुनावों को प्रभावित करने के लिए यूएसएआईडी के माध्यम से 2.1 करोड़ डॉलर की राशि खर्च की थी। उन्होंने मियामी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और रिपब्लिकन गवर्नर्स एसोसिएशन की बैठक में भी इस बात को दोहराया।
दूतावास ने दी स्पष्ट जानकारी
28 फरवरी को भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस मामले में अमेरिकी दूतावास से विस्तृत जानकारी मांगी थी और पूछा था कि किन एनजीओ को यह फंड दिया गया। इसके जवाब में 2 जुलाई को अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट किया कि 2014 से 2025 के बीच यूएसएआईडी ने भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए कोई धनराशि नहीं दी। यह भी बताया गया कि यूएसएआईडी भारत में ऐसी कोई गतिविधि नहीं करता है।
यूएसएआईडी का संचालन बंद
अमेरिकी दूतावास ने 29 जुलाई को सूचित किया कि भारत में यूएसएआईडी का संचालन 15 अगस्त, 2025 से बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद, 11 अगस्त को आर्थिक मामलों के विभाग को सूचित किया गया कि भारत सरकार के साथ यूएसएआईडी के सात समझौते भी समाप्त किए जा रहे हैं।
ट्रंप के पुराने बयान
भारत के बारे में राष्ट्रपति ट्रंप की यह पहली विवादास्पद टिप्पणी नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद, उन्होंने कई बार दावा किया था कि उनके हस्तक्षेप से भारत-पाकिस्तान युद्ध रुका था। भारत सरकार पहले ही इन दावों को खारिज कर चुकी है।
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