अमेरिका में दिवालिया कंपनियों की आई बाढ़, ट्रंप की टैरिफ नीति पर उठे सवाल
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा देश को कर्ज के जाल से बाहर निकालने के लिए अपनाए गए टैरिफ हथकंडे अब उल्टा असर दिखा रहे हैं। विदेशी सामान पर भारी शुल्क लगाने की नीति से अमेरिकी कंपनियों पर दबाव बढ़ा है, और इसका परिणाम दिवालिया होने वाली कंपनियों की रिकॉर्ड संख्या के रूप में सामने आया है।
2025 में दिवालिया कंपनियों का रिकॉर्ड स्तर
इस साल अब तक अमेरिका में 446 बड़ी कंपनियां दिवालिया हो चुकी हैं, जो 2020 के कोरोना काल की तुलना में 12% अधिक है। सिर्फ जुलाई में ही 71 कंपनियों ने दिवालिया घोषित किया, जो जुलाई 2020 के बाद किसी एक महीने में सबसे बड़ी संख्या है।
ट्रंप ने अप्रैल 2025 में विदेशी सामान पर 10% टैरिफ लगाया था। संयोगवश, इसी महीने से दिवालिया कंपनियों की संख्या में तेजी आई। पहली छमाही में 371 कंपनियां दिवालिया हुईं, जबकि जून में अकेले 63 कंपनियों ने बैंकरप्सी के लिए आवेदन किया।
इनमें कई लोकप्रिय ब्रांड्स जैसे Forever 21, Joann’s, Rite Aid, Party City, और Claire’s शामिल हैं — जो 1990 और 2000 के दशक में उपभोक्ताओं के बीच बेहद लोकप्रिय थे।
90 वर्षों में सबसे ऊंचा टैरिफ स्तर
अमेरिका का इफेक्टिव टैरिफ 17.3% तक पहुंच गया है, जो 1935 के बाद सबसे ज्यादा है। इसका सबसे बड़ा असर स्मॉलकैप कंपनियों पर पड़ा है। रसेल 2000 इंडेक्स की 43% कंपनियां नुकसान में चल रही हैं — यह आंकड़ा 2008 के वित्तीय संकट से भी अधिक है।
सेक्टर्स पर असर
सेक्टर | दिवालिया कंपनियों की संख्या |
---|---|
इंडस्ट्रियल | 70 |
कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी | 61 |
हेल्थकेयर | 32 |
कंज्यूमर स्टैपल्स | 22 |
आईटी | 21 |
फाइनेंशियल | 13 |
रियल एस्टेट | 11 |
कम्युनिकेशन सर्विसेज | 11 |
मटीरियल्स | 7 |
यूटिलिटीज व एनर्जी | 4 |
बेरोजगारी और महंगाई की दोहरी मार
टैरिफ नीति से महंगाई और बेरोजगारी में भी इजाफा हुआ है। जुलाई में 11% छोटी कंपनियों ने खराब बिक्री की शिकायत की, जो बेरोजगारी का अहम संकेतक है। अमेरिका की छोटी कंपनियां 6.23 करोड़ लोगों को रोजगार देती हैं — यानी कुल कार्यबल का 45.9%। 20–24 वर्ष के युवाओं की बेरोजगारी दर 8.1% रही, जो पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक है और 2008 के संकट की याद दिलाती है।
एआई से लागत में कटौती, लेकिन नौकरियों पर संकट
कंपनियां लागत घटाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा ले रही हैं, जिससे एंट्री-लेवल नौकरियों में कटौती हो रही है। साथ ही, महंगाई दर भी बढ़ रही है — PPI में 0.9% और कोर CPI में 3% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
ब्याज दरों पर दबाव
महंगाई के चलते फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो गया है, हालांकि ट्रंप लगातार इसकी मांग कर रहे हैं। अनुमान है कि सितंबर में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की जा सकती है।
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